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कौन सा ग्रह किस रिश्ते के लिए है जिम्मेदार

 हर रिश्ते के लिए अलग अलग ग्रह जिम्मेदार होते हैं. सूर्य पिता के रिश्ते से सम्बन्ध रखता है तो चन्द्रमा माता का और मंगल भाई बहन का ग्रह है.आइए जानते हैं कौन सा ग्रह किस रिश्ते के लिए है जिम्मेदार- 


सूर्य पिता के रिश्ते से सम्बन्ध रखता है.

चन्द्रमा का संबंध माता से होता है.

मंगल भाई बहन का ग्रह माना जाता है.

बुध ननिहाल पक्ष का और बृहस्पति ददिहाल पक्ष का कारक है.

बृहस्पति संतान पक्ष के रिश्तों का स्वामी होता है.

शुक्र दाम्पत्य जीवन के रिश्तों का ग्रह है.

शनि अपने अधीन लोगों के साथ रिश्तों का स्वामी है.

बता दें, किसी भी रिश्ते को बनाने और निभाने में सबसे ज्यादा भूमिका चन्द्रमा और मंगल की ही मानी जाती है.


रिश्तों में समस्या कब पैदा होती है ? 

किसी भी रिश्ते में उस समय दूरी या खटास आने लगती हैं. जब कुंडली में रिश्तों के स्वामी ग्रह कमजोर होने लगते हैं. इसके अलावा रिश्तों में राहु का प्रभावअधिक होने पर भी रिश्तों में तनाव आ सकता है.अगर आपकी कुंडली में अग्नि तत्व की मात्रा ज्यादा है या फिर चन्द्रमा या मंगल की स्थिति खराब है तब भी आपके रिश्तों में समस्या पैदा हो सकती है. 

रिश्तों को ठीक करने के लिए करें ये उपाय-

पिता से अपने रिश्तों को ठीक करने के लिए सूर्य देव को जल अर्पित करें.

रविवार का उपवास रखने से भी अच्छा मिलेगा.

माता के साथ अच्छे रिश्ते करने के लिए शिव जी की उपासना करें.

सोमवार को शिव मंदिर में जाकर सफेद फूल और जल अर्पित करें.

भाई बहन के साथ रिश्तों को अच्छा करने के लिए हनुमान जी की उपासना करें.

मंगलवार को गुड़ का दान करना भी लाभकारी होगा. 

ननिहाल के रिश्तों के लिए ढेर सारे पौधे लगाएं.

बुधवार को गाय या पशु को चारा खिलाना भी लाभदायक होगा.

ददिहाल या संतान के रिश्तों के लिए बृहस्पतिवार को कृष्णजी को हल्दी का तिलक लगाएं.

दाम्पत्य जीवन में प्यार बनाए रखने के लिए शुक्रवार को लक्ष्मी जी की पूजा करें. इस दिन सफेद मिठाई का दान  करने से भी लाभ मिलता है.

अधीनस्थों के साथ रिश्तों को अच्छा करने के लिए शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाएं. इसके अलावा अपने अधीनस्थों को इस दिन मिठाई जरूर बांटें. 

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