Skip to main content

ग्रहण में क्या करें और क्या न करें?

 ग्रहण में क्या करें और क्या न करें?










सूर्यग्रहण
आज दिनांक :-  25/10/2022 को 
ग्रहण की शुरुआत शाम 04:28 पर
परमग्रास- शाम 05:30 पर

सूर्यास्त के साथ ग्रहण समाप्त होगा
खण्डग्रास की अवधि - 01 घण्टा 13 मिनट

सूतक प्रारम्भ हुआ - 25 अक्तूबर को सुबह 03:17 मिनट पर
सूतक समाप्त होगा - शाम 05:42 मिनट पर

क्या करें :- 
  • ग्रहण में मंत्रों का जाप करें
  • खाने की चीजों में रखें तुलसी के पत्ते 
  • ग्रहण के बाद गंगाजल का छिडकाव करें
  • गर्भवती महिलाएं मंत्रों का जाप करें
  • ग्रहण के बाद दान करें
  • ग्रहण के बाद पूजा स्थल को गंगाजल से धोएं और फिर पूजा करें

क्या न करें :- 
  • ग्रहण के दौरान खाना न खाएं
  • सूतक काल में शुभ कार्य न करें
  • पूजा- पाठ न करें
  • गर्भवती महिलाएं न देखें ग्रहण
  • नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें
  • ग्रहण के दौरान तुलसी समेत अन्य पेड़-पौधों को न छुएं

सूर्य ग्रहण के दौरान करें इन मंत्रों का जाप :- 

सूर्य ग्रहण के दौरान इन सूर्य मंत्रों का मानसिक जाप करना शुभ होता है।
  • ॐ घृणि: सूर्यादित्योम
  • ऊँ घृणि: सूर्य आदित्य श्री
  • ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय: नम: 
  • ऊँ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नम:

Comments

Popular posts from this blog

33 कोटि देवी देवता के नाम

  12 आदित्य, 8 वसु, 11 रुद्र और इन्द्र व प्रजापति को मिलाकर कुल 33 देवता होते हैं। कुछ विद्वान इन्द्र और प्रजापति की जगह 2 अश्विनी कुमारों को रखते हैं। प्रजापति ही ब्रह्मा हैं। 12 आदित्य : 1. अंशुमान, 2. अर्यमा, 3. इन्द्र, 4. त्वष्टा, 5. धाता, 6. पर्जन्य, 7. पूषा, 8. भग, 9. मित्र, 10. वरुण, 11. विवस्वान और 12. विष्णु। 8 वसु : 1. अप, 2. ध्रुव, 3. सोम, 4. धर, 5. अनिल, 6. अनल, 7. प्रत्यूष और 8. प्रभाष। 11 रुद्र : 1. शम्भू, 2. पिनाकी, 3. गिरीश, 4. स्थाणु, 5. भर्ग, 6. भव, 7. सदाशिव, 8. शिव, 9. हर, 10. शर्व और 11. कपाली। 2 अश्विनी कुमार : 1. नासत्य और 2. दस्त्र। कुल : 12+8+11+2=33

अंक और ग्रहों की युति का रहस्यात्मक मिलन

  अंक और ग्रहों की युति का रहस्यात्मक मिलन “ग्रह युतियाँ और अंकशास्त्र: 81 युग्मों का विवेचन एक स्थान पर” अबिनाश कुमार 🔷 भूमिका अंक ज्योतिष सिर्फ़ अंकों की गणना नहीं है, यह उन सूक्ष्म ऊर्जा तत्वों का विज्ञान है जो हमारे जीवन को गहराई से प्रभावित करते हैं। हर अंक एक विशिष्ट ग्रह से जुड़ा होता है, और जब दो अंक (या ग्रह) मिलते हैं — तो बनता है एक शक्तिशाली "युग्म" (Combination) । यह ग्रह युग्म चार्ट (11 से 99 तक) 81 संयोजनों का एक विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जो जीवन के निर्णयों, नाम, मोबाइल नंबर, रिश्तों और व्यवसाय में आश्चर्यजनक प्रभाव डाल सकते हैं। 📘 चार्ट का उद्देश्य ग्रह युतियों के माध्यम से अंकों के गहरे प्रभाव को समझना शुभ-अशुभ युग्मों की पहचान करना मोबाइल नंबर, नामांक और अन्य निर्णयों में सहायक बनना जीवन पथ में संभावनाओं और जोखिमों को स्पष्ट करना 📊 चार्ट की विशेषताएँ श्रेणी विवरण कुल युग्म 81 (11 से 99 तक) ग्रह आधारित विश्लेषण ✅ हाँ प्रत्येक युग्म में दो ग्रहों की युति (जैसे 1=सूर्य, 2=चंद्र आदि) अर्थ-व्याख्या ग्रह 1 + ग्रह 2 के पृथक और स...

कामप्रजाळण नाच करे I कवि दुला भाई काग कृत

 कामप्रजाळण नाच करे : रचना :- कवि दुला भाई काग कृत (छंद - दुर्मिला)  परमेश्वर मोद धरी पशुपाळण,कामप्रजाळण नाच करे, भभके गण भूत भयंकर भुतळ, नाथ अधंखर ते नखते, भणके तळ अंबर बाधाय भंखर , गाजत जंगर पांह गते ; डमरुय डडंकर बाह जटंकर , शंकर ते कईलास सरे, परमेश्वर मोद धरी पशुपाळण,कामप्रजाळण नाच करे, (1) हडडं खडडं ब्रह्मांड हले, दडडं दडदा कर डाक बजे, जळळं दंग ज्वाल कराल जरे , सचरं थडडं गण साज सजे ; कडके धरणी कडडं , हडडं मुख नाथ ग्रजंत हरे , परमेश्वर मोद धरी पशुपाळण,कामप्रजाळण नाच करे,(2) हदताळ मृदंग हुहूकट,हाकट धाकट धीकट नाद धरं, द्रहद्राह दिदीकट वीकट दोक्ट,कट्ट फरंगट फेर फरं ; धधडे नग धोम धधा कर धीकट,धेंकट घोर कृताळ धरे, परमेश्वर मोद धरी पशुपाळण,कामप्रजाळण नाच करे,(3) नट तांडवरो भट देव घटां नट उलट गूलट धार अजं, चहँ थाक दुदूवट दूवट खेंखट,गेंगट भू कईलास ग्रजं ; तत तान त्रिपुरारि त्रेकट त्रुकट, भूलट धुहर ठेक भरे, परमेश्वर मोद धरी पशुपाळण,कामप्रजाळण नाच करे,(4) सहणाई छेंछ अपार छटा,चहुथ नगारांय चोब रडे, करताल थपाट झपाट कटाकट, ढोल धमाकट मेर धडे ; उमया संग नाट गणं सरवेश्वर,ईश्वर 'थईततां,...