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सुपरफूड्स

सुपरफूड्स

· थकान: भुने चने खाएं।

पेट गैस: अजवाइन और एक चुटकी हींग लें।

नींद: गुनगुना दूध + शहद पिएं।

फटी त्वचा: नारियल तेल में कपूर मिलाकर लगाएं।

याददाश्त: अखरोट और भीगे बादाम खाएं।

सर्दी-खांसी: तुलसी की चाय पिएं।

 ब्लड प्रेशर: 1 गिलास करेले का जूस लें।

पाचन: सौंफ और मिश्री चबाएं।

तेज़ धड़कन: बेल जूस पिएं या इलायची खाएं।.

थायराइड: भुना चना और अलसी खाएं।

डिहाइड्रेशन: नींबू और पुदीना पानी पिएं।

सूजन: तरबूज खाएं।

कब्ज: गुनगुने पानी में नींबू डालकर पिएं।

 जोड़ दर्द: हल्दी-दूध पिएं।

ब्लड शुगर: मेथी दाने भिगोकर खाएं।

दिलः अनार और अंगूर खाएं।

पेट दर्द: अदरक का काढ़ा पिएं।

मांसपेशियां: केले और दूध का शेक लें।

इम्यूनिटी: काढ़ा (तुलसी, अदरक, काली मिर्च) पिएं।

पोषण: रोज 1 कटोरी मिक्स सलाद खाएं।


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रत्न क्या कर सकता है ?

  रत्न:-   सबसे पहले हम जान लेते हैं कि रत्न क्या है? काम क्या करता है?  क्या रत्न अशुभ / नीच ग्रह को शुभ कर सकता है ? रत्नों का सिर्फ काम है ग्रह की ताकत / प्रभाव को बढ़ाना ।  जो भी ग्रह है उस ग्रह की ताकत, उस ग्रह के प्रभाव को बढ़ाना। अच्छे ग्रह हैं तो अच्छे ग्रह की ताकत को बढ़ाएगा और अगर कुंडली में वह ग्रह खराब स्थिति में है तो भी वह उसके प्रभाव को बढ़ाएगा। जो ग्रह हमारे कुंडली में अच्छे भाव में है अगर हम उनके रत्न पहनते हैं तो वह उसके प्रभाव को बढ़ाएगा जो हमें फायदा देगा।  जो ग्रह हमारे कुंडली में अशुभ / नीच में है खराब है तो रत्न शुभ नहीं कर सकता है बल्कि अगर उसके रत्न धारण करेंगे तो वह रत्न उसके प्रभाव को बढ़ाएगा और नीच / अशुभ होने के कारण वह ग्रह हमें परेशान करेंगे।  रत्न हमेशा शुभ / योगकारक / कमजोर ग्रह के ही धारण करने चाहिए। जो ग्रह कुंडली में शुभ हो लेकिन उसमें बल की कमी हो तो उससे संबंधित रत्न को धारण करना चाहिए।  जो ग्रह कुंडली में शुभ हो और बलवान हो तो उसके रत्न को धारण नहीं करना चाहिए, क्योंकि बलवान ग्रह का रत्न धारण करने से वह अशुभ ...

33 कोटि देवी देवता के नाम

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